Thursday, 5 January 2017

Sangbidhan Major Facts in Hindi

Major Facts of Indian Constituion in Hindi

Constituon Of Indian

Bharat Key Sangbidhan 

 हेलो दोस्तों आज का इस पोस्ट में आप सभी का फिरसे स्वागत हे आज का पोस्ट में, में भारतीय संगविधान से जुरे सभी महत्वपूर्ण  बिषयो पे जोर देने का कोसिस किया हु मुझे असा हे की इससे आपको बाद का संगविधान पड़ने में भी सुबिधा होगा और संगविधान बनने का इतिहास से अगर एग्जाम में प्रश्न आते हे तो बो सभी प्रश्नों का आप सब, सही सही जबाब भी दे पाएंगे एक भी प्रश्न कै  छोड़ना नही पड़ेगा जिससे  आपका परीक्षा सार्थक बनेगा और परिणाम स्वरुप रिजल्ट के दिन आप के होंटो पे मुस्कान जरूर होगा तो चलिए  बिना समय गाबए इस पोस्ट को सुरु करते हे।

                            भारतीय संगविधान के ममहत्वपूर्ण ऐतिहासिक पहलु 

9 दिसम्बर , 1946  कै  संगविधान बनाने हेतु जिस संगविधान सभा का उद्घाटन किया उसमे कुल 299 सदस्य थे  जिसमे प्रान्तों में से सर्बाधिक सदस्य संजुक्त प्रान्तों के (55 सदस्य ) थे  और देसी रियासतों में से सर्बाधिक संख्या मैसूर से (7 सदस्य थे )
संगविधान निर्माण के काम पूर्ण रूप से सफल करने हेतु 1947 कै  आंबेडकर जि के नेतृत्व में प्रारूप समिति गठन किया गया था 
हमारे देश का संगविधान सभी गणतांत्रिक देशो में से सबसे बड़ा और दीर्घ हे 
संगविधान के प्रस्ताबना जिसको संगविधान कि कुन्जी भि कहा जाता हे इसमें 2 प्रमुख शब्द "समाजबादी" और "धर्मनिरपेक्ष " कै , 42बा  संगविधान संसोधन 1976 में जोड़ा गिया। 
संगविधान में बोहोत बार संसोधन हुआ हे , पर सबसे ब्यापक तोर पे संगविधान का संसोधन 42बा संगविधान संसोधन द्वारा किया गिया और यह इतना बिशाल था जिसकी बजह से इसको दूसरा संगविधान या छोटा संगविधान भी कहा जाता हे  
चलिए एक नजर में लिस्ट के जरिये भारत के संगविधान रचना कि  इतिहास को समझते हे 
1928,को नेहरू रिपोर्ट पेश किया गिया और भारतीय द्वारा पहला प्रयास किया गिया
 

1940,को औगेस्ट प्रस्ताब के नाम से  ना चाहते हुए भी
कई शर्तो के साथ संगविधान बनाने का प्रस्ताब को मानना  पड़ा
 


1942,को क्रिप्स प्रस्ताब के नाम से संगविधान बनाने का प्रस्ताब को ब्रिटिश सरकार
द्वारा  पूर्ण रूप से मान लिया  गिया
 


1946,को ब्रिटिशो द्वारा बानाया गिया  कैबिनेट मिशन ने
संगविधान  के आधारभूत ढांचा को प्रस्तुत किया
 


9 december,1946को  संगविधान सभा का उद्घाटन हुआ जिसका
पहला अस्थायी अध्यक्ष बने डॉ. सचिदानद सिन्हा
                     और बाद में स्थायी अध्यक्ष बने डॉ. राजेंद्र प्रसाद 


13 december,1946को जवाहर लाल नेहरू द्वारा उद्देस्यो प्रस्ताब को पेस किया गिया


1947को आंबेडकर का नेतृत्व में प्रारूप समिति का गठन किया गिया जिसमे कुल सदस्यय थे
 


26 november, 1949को  संगविधान पूर्ण रूप से बन कर तैयार हो गिया
और इसी दिनको इसमें हस्ताक्षर लगे और इसको पारित घोसित किया गिया


26 january 1950को  पूरा देश में संगविधान को लागु कर दिया गिया

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